Wednesday, December 16, 2015

तुला राशि
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 वर्ष की शुरूआत में शनि वृश्चिक में और गुरू सिंह में दिखाई दे रहें हैं। 31 जनवरी तक अपनी वर्तमान स्थान पर रहने के पश्चात् राहु सिंह में जबकि केतु कुम्भ में प्रवेश करेंगे। 
पारिवारिक जीवनशनि आपके लिए योगकारक है, नए साल में मिला-जुला परिणाम मिलने वाला है। परिवार में मतभेद हो सकता है। परिवर के सदस्यों पर से आपका विश्वास उठ सकता है। जीवनसाथी के साथ संबंध अच्छे नहीं रहेंगे। माता-पिता के साथ संबंध अच्छे रहेंगे, लेकिन परिवार का माहौल ख़राब होने के कारण आप परेशान रहेंगे। 
स्वास्थ्यपूरे साल आपका स्वास्थ्य ठीक-ठाक रहने वाला है,  पैरों का ख़ास ख़्याल रखें। थोड़ी सी सावधानी बरतें तो कुछ ख़ास परेशानी नहीं होने वाली है।
आर्थिक स्थिति
शनि के बारहवें भाव में तथा दूसरे भाव के स्वामी का राहु और केतु के अक्ष पर होना आपके लिए हानिकारक है। निवेश करते समय पूरी सतर्कता बरतें, अन्यथा हानि होने की प्रबल संभावना है। ग़लत ज़गह पर निवेश करने और सही निर्णय लेने के कारण नुकसान हो सकता है। किसी भी काम में जल्दबाज़ी करें।
नौकरी
छठे भाव का स्वामी राहु और केतु के बीच फँसा हुआ है और इस पर शनि कि भी दृष्टि पड़ रही है, लेकिन यह आपके लिए हानिकारक नहीं है। क्योंकि राहु और गुरु के बीच काफ़ी दूरी है।  नई नौकरी मिलने और सैलरी में वृद्धि होने की संभावना है। हालाँकि अगस्त के बाद का समय आपके लिए दुःखदायी हो सकता है। कार्यस्थल पर अपने संबंधों को लेकर सतर्क रहें
कारोबारइस साल कारोबार में आपको औसत परिणाम मिलने वाला है। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह के बिना महत्वपूर्ण फ़ैसले लें। नुकसान होने की ज़्यादा संभावना है, इसलिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने की ज़रूरत है। निर्णय लेने में जल्दबाज़ी करें।  आपका कोई क़रीबी या कोई अन्य आपके साथ धोखा-धड़ी कर सकता है। कारोबार से संबंधित सभी कार्यों में एहतियात बरते और जो भी लेन-देन करें लिखित रूप में ही करें तो ज़्यादा बेहतर होगा। यदि गुरु का महादशा चल रही है तो अपने ख़र्चों को लेकर सावधान रहें।
प्रेम-संबंध यह साल प्रेम-संबंधों के अनुकूल नहीं है। जीवनसाथी के साथ संबंधों को लेकर कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। अपने स्व-विवेक का इस्तेमाल करें और रिश्तों को बेहतर का प्रयास करें। बात-बात पर पार्टनर पर शक़ करें। जीवनसाथी के साथ समय बिताने का प्रयास करें, ताकि ग़लतफ़हमियाँ दूर हों।
सावधानी बरतने वाले दिन
जब चंद्रमा सिंह, वृश्चिक, कुम्भ और वृषभ में प्रवेश करे, उस समय महत्वपूर्ण फ़ैसले लें। वहीं यदि शनि या गुरु की महादशा चल रही है तो नए काम शुरू करें। 17 अप्रैल से 13 जुलाई के बीच किसी प्रकार के ज़ोखिम लेने से परहेज़ करें।करने योग्ययदि शनि की दशा चल रही है तो प्रत्येक मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर जाना भूलें। सभी प्रकार की परेशानियों से बचने के लिए हनुमान चालीसा का नियमित रूप से पाठ करें।

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