सिंह राशि 2016
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वर्ष की शुरूआत शनि के वृश्चिक और गुरु के सिंह में प्रवेश करने के साथ हो रही है। वहीं 31 जनवरी तक अपनी वर्तमान अवस्था में रहने के पश्चात् राहु सिंह में और केतु कुम्भ में प्रवेश रहें हैं। ग्रह आपकी ज़िन्दगी को कैसे प्रभावित करते हैं? जानते हैंजवाब।
पारिवारिक जीवनयह साल आपको खट्टे और मीठे दोनों प्रकार का अनुभव देने वाला है। जीवनसाथी के साथ आपके संबंध मधुर रहेंगे, लेकिन राहुु की सिंह पर दृष्टि होने के कारण आपके रिश्तों को चोट पहुँच सकता है। पिता के साथ बेहतर ताल-मेल रहेगा। माता के साथ किसी बात को लेकर कहा-सुनी हो सकती है, लेकिन इसे लेकर ज़्यादा चिंता करने की ज़रुरत नहीं है।
स्वास्थ्यकुछ मानसिक
परेशानी
हो सकती
है, मक्ख़न,
घी और
मिठाई से
दूर रहना
आपके लिए
ज़्यादा
फ़ायदेमंद
होगा, अन्यथा
आपका वज़न
बढ़ सकता
है।
आर्थिक
स्थितिइस
वर्ष आपकी
आर्थिक
स्थिति
शानदार
रहने वाली
है।आप अपने
कार्यों
के प्रति
गंभीर बने
रहेंगे,
जिस कारण
धन का
आगमन भी
निर्बाध
रूप से
होगा। 11 अगस्त
के बाद
स्थिति
में अप्रत्याशित
बदलाव होगा
और आप
यह पाएंगे
कि आपकी
जमापूंजी
में वृद्धि
हो रही
है।
नौकरीसेवारत
लोगों के
लिए यह
साल शानदार
रहेगा।
इस समय
आपको कुछ
ऐसी ख़ुशियाँ
मिलेंगी,
जिसकी तलाश
आपको एक
लम्बे अरसे
से थी।
नई नौकरी
या मेहनताना
मिलने की
संभावना
है। यदि
गुरु की
महादशा
चल रही
है तो
फिर समय
आपका ही
है, आपकी
सभी इच्छाएँ
पूरी होने
वाली है।
कारोबार आने वाला
यह नया
साल आपके
लिए ढेर
सारे सौगात
लेकर आ
रहा है।
अगस्त के
बाद अपार
मुनाफ़ा
होने वाला
है। जो
लोग प्रॉपर्टी
डिलिंग
का काम
करते हैं,
उनको शानदार
लाभ प्राप्त
होने वाला
है। 11 अगस्त
के बाद
शेयर बाज़ार
में पैसे
लगाना, फ़ायदे
का सौदा
होगा।
प्रेम-संबंध आप अपने
प्रेम-संबंधों
में मिठास
का अनुभव
करेंगे।
यदि आप
अविवहित
हैं तो
आपके हाथ
नए साल
में पीले
हो सकते
हैं। रोमांस
के लिए
भी समय
शानदार
है। आपके
और प्रियतम
के बीच
बेहतरीन
ताल-मेल
बना रहेगा।
सावधानी
बरतने वाले
दिन
उस
समय यात्रा
करने से
परहेज़
करें, जब
चंद्रमा
सिंह, मकर
या मीन
में प्रवेश
कर रहा
हो। ऐसे
समय धैर्य
और संयम
से काम
लें। 27 जनवरी
से 15 फरवरी
के बीच
निजी फैसले
लेने से
परहेज़
करें। मंगल
के सिंह,
कुम्भ और
मीन में
प्रवेश
की अवधि
में भी
सतर्कता
बरतें।
27 मार्च से
12 अप्रैल
के बीच
ऑनलाइन
ख़रीदारी
करने और
निवेश करने
से बचें।
करने
योग्य
यदि
मंगल की
महादशा
चल रही
है तो
पाँच मंगलवार
को हनुमान
जी की
मंदिर में
चना दान
करेें।
यदि
गुरु की
दशा चल
रही है
तो कुछ
विशेष करने
की आवश्यकता
नहीं है।
राहु और
केतु की
महादशा
की स्थिति
में कम-से-कम
दिन में
तीन बार
देवी कवच
का पाठ
करें। किसी
अन्य ग्रह
के प्रभाव
से बचने
के लिए
नियमित
रूप से
हनुमान
चालीसा
का पाठ
करें।
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