वृश्चिक राशि-
इस साल वृश्चिक राशि वालों के शनि के साढ़े साती का अंतिम दौर प्रारंभ होगा।शनि देव मार्गी होंगे वृश्चिक राशि में :25 अगस्त 2017, सायं 17:19 को। अंतिम दौर का प्रथम भाग लगभग 13 माह तक रहेगा। फिर अंतिम दौर का मध्य भाग लगभग 13 माह तक रहेगा। इस दौरान शनि की दृष्टि आपके चतुर्थ भाव में , अष्टम में और एकादश भाव में होगी।हनुमान जी का दर्शन व पूजन करना आपके लिए श्रेष्ठ है।, लाल मसूर, गुड़ मूगा ,ताम्बा शुभ है। इस वर्ष व्यापारियों को आय के नए स्रोत दे सकती है। उन्हें इस साल छोटे व्यवसाय से भी अच्छा मुनाफ़ा हो सकता है।उत्तर दिशा शुभ रहेग़ी। सुख-संपदा लाभ और घर में मांगलिक कार्य होंगे।वाहन का प्रयोग कम करें ,शराब व् नशे से दूर रहे।अपने कार्यक्षेत्र में जमकर मेहनत करेंगे तो आपके पराक्रम में वृद्धि होगी। जो भी कार्य करेगे उसमे पूरी सफलता मिल सकती है। अचानक धन प्राप्ति के योग बन सकते हैं। आप भूमि-मकान आदि में भी आप खर्च कर सकते हैं।छात्रों के लिए यह समय मेहनत के द्वारा ही सफलता प्राप्त करने का है।मनोबल का स्तर अच्छा रहेगा।कम परिश्रम से ज्यादा लाभ मिलेगा।पारिवारिक ख़ुशियों में वृद्धि हो सकती है।। मित्रों , भाई-बहनों व् जीवनसाथी के सहयोग से आपको आर्थिक लाभ हो सकता है। साथ ही कार्यक्षेत्र में कोई बड़ी सफलता हासिल हो सकती है। वैवाहिक जीवन उत्तम रहेगा ।वैवाहिक जीवन में अगर कोई अड़चनें हैं तो वह भी समाप्त होंगी। साथ ही आप बड़े रोमांटिक मूड में बने रहेंगे।आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा बस खान-पान पर विशेष ध्यान दें, हृदय और पेट संबंधी कुछ परेशानियाँ व् मौसमी बीमारियों से सावधान रहे।नौकरीपेशा लोगों को विशेष सफलता मिलेगी । ऑफ़िस में बड़े अधिकारी का सहयोग मिलेगा।। नए मित्र बनेंगे।शुभ कार्यों में आपकी दिलचस्पी बढ़ेगी।
यदि आप वृश्चिक लग्न के जातकों के लिए शनि तृतीय और चतुर्थ भाव का स्वामी है तथा मंगल से शत्रुता का भाव रखता है . यह अब आपके लग्न से दूसरे भाव में प्रवेश करेगा . यहाँ से इसकी दृष्टि आपके चतुर्थ भाव पर , अष्टम पर और आय स्थान पर होगी . शनि की यह स्थिति भौतिक सुख – सुविधाओं के लिए अद्भुत होने वाली है .
शुभ मंगलम। जय महादेव ज्योतिषाचार्य कृष्णा शर्मा।
इस साल वृश्चिक राशि वालों के शनि के साढ़े साती का अंतिम दौर प्रारंभ होगा।शनि देव मार्गी होंगे वृश्चिक राशि में :25 अगस्त 2017, सायं 17:19 को। अंतिम दौर का प्रथम भाग लगभग 13 माह तक रहेगा। फिर अंतिम दौर का मध्य भाग लगभग 13 माह तक रहेगा। इस दौरान शनि की दृष्टि आपके चतुर्थ भाव में , अष्टम में और एकादश भाव में होगी।हनुमान जी का दर्शन व पूजन करना आपके लिए श्रेष्ठ है।, लाल मसूर, गुड़ मूगा ,ताम्बा शुभ है। इस वर्ष व्यापारियों को आय के नए स्रोत दे सकती है। उन्हें इस साल छोटे व्यवसाय से भी अच्छा मुनाफ़ा हो सकता है।उत्तर दिशा शुभ रहेग़ी। सुख-संपदा लाभ और घर में मांगलिक कार्य होंगे।वाहन का प्रयोग कम करें ,शराब व् नशे से दूर रहे।अपने कार्यक्षेत्र में जमकर मेहनत करेंगे तो आपके पराक्रम में वृद्धि होगी। जो भी कार्य करेगे उसमे पूरी सफलता मिल सकती है। अचानक धन प्राप्ति के योग बन सकते हैं। आप भूमि-मकान आदि में भी आप खर्च कर सकते हैं।छात्रों के लिए यह समय मेहनत के द्वारा ही सफलता प्राप्त करने का है।मनोबल का स्तर अच्छा रहेगा।कम परिश्रम से ज्यादा लाभ मिलेगा।पारिवारिक ख़ुशियों में वृद्धि हो सकती है।। मित्रों , भाई-बहनों व् जीवनसाथी के सहयोग से आपको आर्थिक लाभ हो सकता है। साथ ही कार्यक्षेत्र में कोई बड़ी सफलता हासिल हो सकती है। वैवाहिक जीवन उत्तम रहेगा ।वैवाहिक जीवन में अगर कोई अड़चनें हैं तो वह भी समाप्त होंगी। साथ ही आप बड़े रोमांटिक मूड में बने रहेंगे।आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा बस खान-पान पर विशेष ध्यान दें, हृदय और पेट संबंधी कुछ परेशानियाँ व् मौसमी बीमारियों से सावधान रहे।नौकरीपेशा लोगों को विशेष सफलता मिलेगी । ऑफ़िस में बड़े अधिकारी का सहयोग मिलेगा।। नए मित्र बनेंगे।शुभ कार्यों में आपकी दिलचस्पी बढ़ेगी।
यदि आप वृश्चिक लग्न के जातकों के लिए शनि तृतीय और चतुर्थ भाव का स्वामी है तथा मंगल से शत्रुता का भाव रखता है . यह अब आपके लग्न से दूसरे भाव में प्रवेश करेगा . यहाँ से इसकी दृष्टि आपके चतुर्थ भाव पर , अष्टम पर और आय स्थान पर होगी . शनि की यह स्थिति भौतिक सुख – सुविधाओं के लिए अद्भुत होने वाली है .
शुभ मंगलम। जय महादेव ज्योतिषाचार्य कृष्णा शर्मा।
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