Friday, January 20, 2017

मीन  राशि -
इस वर्ष आपको परिवार के लोगों के साथ मेल-जोल बढ़ाना चाहिए। दाम्पत्य जीवन के लिए समय निकालें ।। दाम्पत्य जीवन के लिए यह समय खुशियों भरा हो सकता है।  प्रेम-संबंधों में होने वाली ग़लतफ़हमियों से दूर रहें,जीवनसाथी से सम्बन्ध मधुर रहेंगे। मित्रों और बड़े भाइयों से आपको पूर्ण सहयोग मिलने की उम्मीद रहेगी।राहु के छठे भाव से गोचर करने के कारण आपके साहस व पराक्रम में वृद्धि होगी। आपकी संघर्ष क्षमता में इजाफा होगा। विरोधीजन आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे। नौकरी में प्रमोशन व मान-सम्मान प्राप्त होने की उम्मीद है। कोई विदेश यात्रा भी हो सकती है। अपने कार्यक्षेत्र को लेकर भी कोई यात्रा कर सकते हैं।आपके अंदर आध्यात्मिकता का संचार हो सकता है।आपकी आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। नौकरी के शुरूआती दिनों में कुछ परेशानी हो सकती है हालाँकि सफलता आपको जरुर मिलेगी। कारोबारीयों को माह अगस्त के बाद सफलता मिलेगी। सेहत में परेशानी चिन्ता का कारण बन सकती है।। किसी भी नए व्यक्ति पर एकदम विश्वास न करें। साल के बीच से आपको आय के नए स्रोत मिलने की संभावना है। आप अपने विरोधी पक्ष पर आप हावी रहेंगे। ज़्यादा मानसिक श्रम करने से बचें।कोई कार्य मेहनत के साथ शुरू करेंगे तो उसका फल अच्छा हो सकता है। अपनी क्षमता से बढ़कर कोई भी निर्णय न लें। लंबी यात्राएँ पूरी तरह सोच विचार कर ही करें।आप कोई नई तकनीक या विधा सीखने की कोशिश भी कर सकते हैं, जिससे आपको आय के नए स्रोत मिलेंगे। नौकरीपेशा व्यक्तियों को कार्यस्थल में तालमेल बनाकर चलना चाहिए। जब तक आपको नई नौकरी न मिले पुरानी नौकरी से इस्तीफ़ा देने के बारे में न सोचें।आपको अच्छी नौकरी साल के अंत में अवश्य मिलेगी।आप कोई कार्य मेहनत के साथ शुरू करेंगे तो उसका फल अच्छा हो सकता है।अपनी सेहत के मामले में  आपको थोड़ा सतर्क रहना पड़ेगा।
यदि आप मीन लग्न के है तो   शनि एकादश और द्वादश भाव का स्वामी है जो अब आपके दशम भाव में प्रवेश करेगा और करीब 3 वर्षों तक इसे प्रभावित करेगा . शनि के दशम भाव में होने से इसकी तीसरी दृष्टि आपके द्वादश भाव पर , चतुर्थ भाव और सप्तम भाव पर पूर्ण रूप से होगी. शनि की यह स्थिति आपको मिश्रित परिणाम देने वाली होगी . आपको लगभग हर कार्यों में सफलता तो मिलेगी परन्तु इसका अंत अच्छा नहीं बल्कि दुखद होगा . धन यदि आएगा तो उससे अधिक मात्रा में जायेगा . कर्ज यदि चाहेंगे तो मिल जायेगा परन्तु अंत में यह अत्यधिक तनाव और अपमान का कारण भी बनेगा।बृहस्पति जो आपके लग्नेश और दशमेश हैं सितम्बर 2017 तक आपके सप्तम  भाव में विराजमान रहेंगे. के भाग्य स्थान पर रहेंगे।  
शुभ मंगलम। जय महादेव ,ज्योतिषाचार्य कृष्णा शर्मा।

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