Sunday, September 17, 2017

कैसे करे श्राद अमावस्या पर पितरो की विदाई

कुतुप) मुहूर्त = 12:41 to 13:30
Duration = 0 Hours 49 Mins
(रौहिण) मुहूर्त = 13:30 to 14:19
Duration = 0 Hours 49 Mins
काल = 14:19 to 16:46
Duration = 2 Hours 27 Mins
अमावस्या तिथि शुरू = 07:22 on 19/Sep/2017
अमावस्या तिथि समाप्त = 06:29 on 20/Sep/२०१७
हिंदू धर्म के अनुसार महालया अमावस्या पितृपक्ष या श्राद्ध का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। अगर अपने पूर्वजों का सही पुण्यतिथि पता नहीं है। तो व्यक्ति इस दिन उन्हें श्रद्धांजलि और पिंडदान करते हैं। पितरों की तृप्ति के लिए श्रद्धा से किया गया तर्पण या पिंडदान यानि पिंड के रूप में पितरों को दिया गया भोजन और जल आदि को ही श्राद्ध कहा जाता है। पितृपक्ष या श्राद्ध में तर्पण और श्राद्ध करने से व्यक्ति को अपने पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जिससे घर में सुख शांति और समृद्धि बनी रहती है। मान्यता है कि यदि पितर रुष्ट हो जाते है तो व्यक्ति को जीवन में बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पितरों की अशांति के कारण धन हानि ,संतान समस्या,रोग शरीर पीड़ा ,गृहकलेश ,आदि दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है।
इस दिन स्नान आदि करके अपराह्न में तर्पण ब्राह्मण को भोजन वस्त्र दक्षिणा देकर पूजन करते है आशीर्वाद लेते है। गरीबो और पंडितो को भोजन कराये यह सोचकर की जो अनजाने और अपने मृतक लोग है वह भी अपना श्राद का भोग स्वीकार करे और हमें अपना आशीर्वाद प्रदान करके हमारे परिवार को कृतक करे।अपने घर के बाहर पानी ज़रूर रखे फिर शाम को एक दीपक द्वार पर दूसरा दीपक पीपल के पेड के नीचे पूरी खीर लड्डू जल के साथ रखे। आखिरी दीपक और पूरी खीर लड्डू पुरे घर में घुमाकर अपने घर में जो भी पितृ आत्मा हो उसे पितृ लोक को जाने को कहकर आप दीपक भोजन जल के साथ अपने घर के बाहर जाने वाली सड़क के किनारे रखकर पानी से आचमन तीन बार करके रख कर घर वापस आकर जल से अपना शुद्धि कारन करके पूरे घर में गंगाजल छिड़के।इसप्रकार आपको अमावस्या पर पितरो का पूरी तरह आशीर्वाद और पुण्य प्राप्त हो जायेगा। जय महादेव !ज्योतिषाचार्य कृष्णा शर्मा www.krishtara.com

Thursday, March 30, 2017

जय माता दी
 नवरात्रि में कन्‍या पूजा का महत्व
कन्याओं को नौ देवियों के प्रतिबिंब के रूप में पूजा जाता है
नवरात्र में सप्‍तमी तिथि से कन्‍या पूजन शुरू हो जाता है और इस दौरान कन्‍याओं को घर बुलाकर उनकी आवभगत की जाती है. दुर्गाष्टमी और नवमी के दिन इन कन्याओं को नौ देवी का रूप मानकर इनका स्वागत किया जाता है. माना जाता है कि कन्याओं का देवियों की तरह आदर सत्कार और भोज कराने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों को सुख समृधि का वरदान देती हैं.
क्यों और कैसे किया जाता है कन्‍या पूजन?
नवरात्र पर्व के दौरान कन्या पूजन का बड़ा महत्व है. नौ कन्याओं को नौ देवियों के प्रतिबिंब के रूप में पूजने के बाद ही भक्त का नवरात्र व्रत पूरा होता है. अपने सामर्थ्य के अनुसार उन्हें भोग लगाकर दक्षिणा देने मात्र से ही मां दुर्गा प्रसन्न हो जाती हैं.
किस दिन करें कन्या पूजन
वैसे तो कई लोग सप्‍तमी से कन्‍या पूजन शुरू कर देते हैं लेकिन जो लोग पूरे नौ दिन का व्रत करते हैं वह तिथि के अनुसार नवमी और दशमी को कन्‍या पूजन करने के बाद ही प्रसाद ग्रहण करके व्रत खोलते हैं. शास्‍त्रों के अनुसार कन्‍या पूजन के लिए दुर्गाष्‍टमी के दिन को सबसे ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण और शुभ माना गया है.
कन्या पूजन की विधि
- कन्‍या भोज और पूजन के लिए कन्‍याओं को एक दिन पहले ही आमंत्रित कर दिया जाता है.
- मुख्य कन्या पूजन के दिन इधर-उधर से कन्याओं को पकड़ के लाना सही नहीं होता है.
- गृह प्रवेश पर कन्याओं का पूरे परिवार के साथ पुष्प वर्षा से स्वागत करें और नव दुर्गा के सभी नौ नामों के जयकारे लगाएं.
- अब इन कन्याओं को आरामदायक और स्वच्छ जगह बिठाकर सभी के पैरों को दूध से भरे थाल या थाली में रखकर अपने हाथों से उनके पैर धोने चाहिए और पैर छूकर आशीष लेना चाहिए.
- उसके बाद माथे पर अक्षत, फूल और कुंकुम लगाना चाहिए.
- फिर मां भगवती का ध्यान करके इन देवी रूपी कन्याओं को इच्छा अनुसार भोजन कराएं.
- भोजन के बाद कन्याओं को अपने सामर्थ्‍य के अनुसार दक्षिणा, उपहार दें और उनके पुनः पैर छूकर आशीष लें.
कन्या पूजन में कितनी हो कन्याओं की उम्र?
कन्याओं की आयु दो वर्ष से ऊपर तथा 10 वर्ष तक होनी चाहिए और इनकी संख्या कम से कम 9 तो होनी ही चाहिए और एक बालक भी होना चाहिए जिसे हनुमानजी का रूप माना जाता है. जिस प्रकार मां की पूजा भैरव के बिना पूर्ण नहीं होती , उसी तरह कन्या-पूजन के समय एक बालक को भी भोजन कराना बहुत जरूरी होता है. यदि 9 से ज्यादा कन्या भोज पर आ रही है तो कोई आपत्ति नहीं है.
आयु अनुसार कन्या रूप का पूजन
- नवरात्र में सभी तिथियों को एक-एक और अष्टमी या नवमी को नौ कन्याओं की पूजा होती है.
- दो वर्ष की कन्या (कुमारी) के पूजन से दुख और दरिद्रता मां दूर करती हैं. तीन वर्ष की कन्या त्रिमूर्ति रूप में मानी जाती है. त्रिमूर्ति कन्या के पूजन से धन-धान्‍य आता है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है.
- चार वर्ष की कन्या को कल्याणी माना जाता है. इसकी पूजा से परिवार का कल्याण होता है. जबकि पांच वर्ष की कन्या रोहिणी कहलाती है. रोहिणी को पूजने से व्यक्ति रोगमुक्त हो जाता है.
- छह वर्ष की कन्या को कालिका रूप कहा गया है. कालिका रूप से विद्या, विजय, राजयोग की प्राप्ति होती है. सात वर्ष की कन्या का रूप चंडिका का है. चंडिका रूप का पूजन करने से ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है.
- आठ वर्ष की कन्या शाम्‍भवी कहलाती है. इसका पूजन करने से वाद-विवाद में विजय प्राप्त होती है. नौ वर्ष की कन्या दुर्गा कहलाती है. इसका पूजन करने से शत्रुओं का नाश होता है तथा असाध्य कार्यपूर्ण होते हैं.
- दस वर्ष की कन्या सुभद्रा कहलाती है. सुभद्रा अपने भक्तों के सारे मनोरथ पूर्ण करती है.
नवरात्रों में  कन्याओं को देवी तुल्य मानकर पूजा जाता है.  शास्‍त्रों में भी लिखा है कि जिस घर में औरत का सम्‍मान किया जाता है वहां भगवान खुद वास करते हैं. कृष्णा शर्मा {ज्योतिषाचार्य )

Monday, March 27, 2017

सभी माता रानी के भक्तो को  कृष्णा शर्मा की तरफ से आपको और आपके परिवार को   नवरात्री की हार्दिक शुभकामना .
चैत्र नवरात्र शुक्ल पक्ष 28 मार्च 2017  चैत्र नवरात्र  मंगलवार से शुरु होकर 5 अप्रैल, बुधवार को रामनवमी के साथ समाप्त होगे।
प्रतिपदा व द्वितीया तिथि एक ही दिन रहेगी। मां  के भक्तों को 29 मार्च 2017 को देवी शैलपुत्री व ब्रह्मचारिणी की आराधना एक ही दिन करना होगा। प्रतिपदा तिथि का क्षय होने से नवरात्रि आठ दिनों की होगी।
घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
इस बार घटस्थापना 8 बजकर 26 मिनट से लेकर 10 बजकर 24 मिनट तक का है। ज्योतिषाचर्या कृष्णा शर्मा जै माता दी .

Thursday, March 9, 2017

 होली का महूर्त  -
ज्योतिष के अनुसार होलिका दहन  पूजन भद्रा के मुख को त्याग करके करना ही शुभ  होता है। फाल्गुन मास 12 मार्च को पूर्णिमा उदय व्यापिनी है। इसी पूर्णिमा को प्रदोष काल में होलिका दहन करने का विधान शुभ माना गया है। वहीं इस दिन भद्रा का मुख सांय 5 बजकर 35 मिनट से 7 बजकर 33 मिनट तक है। इसी कारण इस साल होलिका दहन शाम  6 बजकर 30 मिनट से 8 बजकर 35 मिनट तक किया  जा सकता है।
पूजन विधि -पूजा करते वक्त पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठना चाहिए। फिर  माला, रोली, , फूल , कच्चा सूत, गुड़, साबुत हल्दी, बताशे,गुजिया , गुलाल, नारियल, पॉच प्रकार के अनाज में गेंहूॅ की बालियॉ और साथ में एक लोटा जल लेकर  होलिका के चारों ओर सात  बार परिक्रमा कच्चे सूत को होलिका के चारों ओर  लपेटना चाहिए।  जल से अर्घ्य दे। फिर  होलिका में अग्नि प्रज्ज्वलित करने से पहले होलिका में लगे हुए डंडे को बाहर निकाल दे ।होलिका दहन के बाद  होली की  राख को घर के चारों ओर और दरवाजे पर छिड़क देना  चाहिए।  ताकि आपके घर में  घर में सुख-समृद्धि बनी रहे और साथ ही  नकारात्मक शक्तियों  का प्रवेश  भी नहीं हो सके ।
 इसी के साथ आप सभी को और आपके परिवार को होली की मंगल कामना की हार्दिक बधाई ,शुभ होली। ,हर हर महादेव। ज्योतिषाचार्य कृष्णा शर्मा। 

Thursday, February 23, 2017


महाशिवरात्रि पूजा मुहूर्त-
चतुर्दशी 21:38 पर 24 फरवरी को है ,और 21:20 पर अगले दिन समाप्त है।
इसदिन   पूजा  प्रत्येक अवधि व् प्रहार में करा  जाता है।
निशिता काल पूजा के समय: 24:08 24:59 करने के लिए
महाशिवरात्रि पाराना समय: 25 फरवरी, 06:54 15:24 करने के लिए
महाशिवरात्रि के दिन व्रत करने से और भगवान शिव पूजा करने से सभी कष्ट दूर होते हैं। भूत-प्रेत की पीड़ा, ग्रहों से होने वाली दिक्कतें दूर होती है।
पूजाविधि=
महाशिवरात्रि को पूजा करते वक्त सबसे पहले मिट्टी के बर्तन में पानी भरकर, ऊपर से बेलपत्र, धतूरे के पुष्प, चावल आदि डालकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। वहीं अगर घर के आस-पास में शिवालय न हो, तो शुद्ध गीली मिट्टी से ही शिवलिंग बनाकर भी उसे पूजा जा सकता है। वहीं इस दिन शिवपुराण का पाठ सुनना चाहिए और पाठ करना चाहिए। शिव पुराण में महाशिवरात्रि को दिन-रात पूजा के बारे में कहा गया है और चार पहर दिन में शिवालयों में जाकर शिवलिंग पर जलाभिषेक कर बेलपत्र चढ़ाने से शिव की अनंत कृपा प्राप्त होती है। कई लोग चार पहर की पूजा भी करते हैं, जिसमें बार बार शिव का रुद्राभिषेक करना होता है।
चारों प्रहर के पूजन में शिवपंचाक्षर (नम: शिवाय) मंत्र का जाप करें। भव, शर्व, रुद्र, पशुपति, उग्र, महान, भीम और ईशान, इन आठ नामों से फूल अर्पित कर भगवान शिव की आरती व परिक्रमा करें। अगर आपने व्रत नहीं किया है तो आपको सामान्य पूजा तो अवश्य करनी चाहिए। जिसमें शिवलिंग को पवित्र जल, दूध और मधु से स्नाोन करवाएं। भगवान को बेलपत्र अर्पित करें। इसके बाद धूप बत्ती, करें। फिर दीपक जलाएं। ऐसा करने से सभी कष्ट दूर होते हैं। इस दिन इन मंत्रों का जाप करें।

ॐ नमः शिवाय। १०८ बार


शिव वंदना-
ॐ वन्दे देव उमापतिं सुरगुरुं, वन्दे जगत्कारणम्।
वन्दे पन्नगभूषणं मृगधरं, वन्दे पशूनां पतिम्।।
वन्दे सूर्य शशांक वह्नि नयनं, वन्दे मुकुन्दप्रियम्।
वन्दे भक्त जनाश्रयं च वरदं, वन्दे शिवंशंकरम्।।
 महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माम् मृतात् ।।

जय महादेव ज्योतिषाचार्य कृष्णा शर्मा। 

Friday, January 20, 2017

मीन  राशि -
इस वर्ष आपको परिवार के लोगों के साथ मेल-जोल बढ़ाना चाहिए। दाम्पत्य जीवन के लिए समय निकालें ।। दाम्पत्य जीवन के लिए यह समय खुशियों भरा हो सकता है।  प्रेम-संबंधों में होने वाली ग़लतफ़हमियों से दूर रहें,जीवनसाथी से सम्बन्ध मधुर रहेंगे। मित्रों और बड़े भाइयों से आपको पूर्ण सहयोग मिलने की उम्मीद रहेगी।राहु के छठे भाव से गोचर करने के कारण आपके साहस व पराक्रम में वृद्धि होगी। आपकी संघर्ष क्षमता में इजाफा होगा। विरोधीजन आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे। नौकरी में प्रमोशन व मान-सम्मान प्राप्त होने की उम्मीद है। कोई विदेश यात्रा भी हो सकती है। अपने कार्यक्षेत्र को लेकर भी कोई यात्रा कर सकते हैं।आपके अंदर आध्यात्मिकता का संचार हो सकता है।आपकी आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। नौकरी के शुरूआती दिनों में कुछ परेशानी हो सकती है हालाँकि सफलता आपको जरुर मिलेगी। कारोबारीयों को माह अगस्त के बाद सफलता मिलेगी। सेहत में परेशानी चिन्ता का कारण बन सकती है।। किसी भी नए व्यक्ति पर एकदम विश्वास न करें। साल के बीच से आपको आय के नए स्रोत मिलने की संभावना है। आप अपने विरोधी पक्ष पर आप हावी रहेंगे। ज़्यादा मानसिक श्रम करने से बचें।कोई कार्य मेहनत के साथ शुरू करेंगे तो उसका फल अच्छा हो सकता है। अपनी क्षमता से बढ़कर कोई भी निर्णय न लें। लंबी यात्राएँ पूरी तरह सोच विचार कर ही करें।आप कोई नई तकनीक या विधा सीखने की कोशिश भी कर सकते हैं, जिससे आपको आय के नए स्रोत मिलेंगे। नौकरीपेशा व्यक्तियों को कार्यस्थल में तालमेल बनाकर चलना चाहिए। जब तक आपको नई नौकरी न मिले पुरानी नौकरी से इस्तीफ़ा देने के बारे में न सोचें।आपको अच्छी नौकरी साल के अंत में अवश्य मिलेगी।आप कोई कार्य मेहनत के साथ शुरू करेंगे तो उसका फल अच्छा हो सकता है।अपनी सेहत के मामले में  आपको थोड़ा सतर्क रहना पड़ेगा।
यदि आप मीन लग्न के है तो   शनि एकादश और द्वादश भाव का स्वामी है जो अब आपके दशम भाव में प्रवेश करेगा और करीब 3 वर्षों तक इसे प्रभावित करेगा . शनि के दशम भाव में होने से इसकी तीसरी दृष्टि आपके द्वादश भाव पर , चतुर्थ भाव और सप्तम भाव पर पूर्ण रूप से होगी. शनि की यह स्थिति आपको मिश्रित परिणाम देने वाली होगी . आपको लगभग हर कार्यों में सफलता तो मिलेगी परन्तु इसका अंत अच्छा नहीं बल्कि दुखद होगा . धन यदि आएगा तो उससे अधिक मात्रा में जायेगा . कर्ज यदि चाहेंगे तो मिल जायेगा परन्तु अंत में यह अत्यधिक तनाव और अपमान का कारण भी बनेगा।बृहस्पति जो आपके लग्नेश और दशमेश हैं सितम्बर 2017 तक आपके सप्तम  भाव में विराजमान रहेंगे. के भाग्य स्थान पर रहेंगे।  
शुभ मंगलम। जय महादेव ,ज्योतिषाचार्य कृष्णा शर्मा।
कुम्भ  राशि -
इस वर्ष व्यापारियों और बिज़नेस से जुड़े लोगों के लिए  उत्तम साबित हो सकता है। पार्टनरशिप में सावधानी रखे।आपकी आर्थिक स्थिति सामान्य रहने वाली है।। फ़िज़ूलख़र्ची ,पैसों के लेन-देन से बचे।आँख बंद कर किसी पर भरोसा न करें। आपको प्रॉपर्टी संबंधी कार्यों में सफलता मिलेगी। नौकरी में तरक़्क़ी के भी योग हैं.नई नौकरी की तलाश में लगे हुए युवाओं को नौकरी अवश्य मिलेगी। करियर में अच्छी शुरुआत  की संभावना है। नौकरी को लेकर आपकी लंबी दूरी की यात्राएं संभव हो सकती है।कुछ समय बिज़नेस में कुछ समस्याएँ आएगी जो बाद में ठीक हो जाएगी।छात्रों के लिए यह साल मिला-जुला रहेगा।वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा हैं। जीवनसाथी की सहानुभूति मिलेगी वह आपके हर कार्य में आपको पूर्ण सहयोग देंगे। प्रेम प्रसंगों के लिए  थोड़ा संभलकर प्रेमियो को रहना  होगा।सम्बन्धों में मजबूती लाने के लिए अपने प्रेमी का सम्मान करें। अपने पार्टनर के लिए समय निकालें और कहीं घूमने-फिरने का प्रोग्राम बनायें।आपकी निर्णय-शक्ति अच्छी है।गलत कार्य व अन्याय करने से बचें।पारिवारिक निर्णय काफ़ी सोच विचार कर लेने होंगे। आपसी रिश्तों को मधुर बनाए रखने के लिए ज़रूरी है कि आप तालमेल बनाकर चलें।आप काफी ऊर्जावान और सक्रिय रहेगे । आपके रुके हुए कार्य पूरे होंगे।। माता को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना होगा। छात्रों के लिए यह साल मिला-जुला हो सकता है। अधिक मेहनत का परिणाम ही सफलता दिलाएगा।
यदि आप कुंभ लग्न के है। तो  शनि लग्न और द्वादश भाव का स्वामी है जो अब आपके एकादश भाव में गोचर करेगा . शनि के यहाँ आने से इसकी सीधी दृष्टि आपके लग्न , पंचम और अष्टम भाव पर पड़ेगी . संतान की स्थिति को छोड़ दूँ तो यह शनि आपके लिए अत्यंत ही सौभाग्यशाली रहने वाला है . धन का आगमन प्रचुर मात्रा में होगा . इस समय आपको माता – पिता का सहयोग और आशीर्वाद प्राप्त होगा . जीवन साथी का व्यवहार भी सहयोगात्मक रहेगा।पक्षियों की सेवा करे। गरीबो की सेवा करे।  
शुभ मंगलम। जय महादेव ,ज्योतिषाचार्य कृष्णा शर्मा।   
मकर राशि -इस वर्ष मकर राशि पर शनि की साढ़े साती रहेगी। जिसके कारण शारीरिक पीड़ा, रक्त विकार और व्यापार में हानि संभव। इसलिए  शरीर को आराम दें, ज़्यादा तनाव से बचें।स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह न रहें। और आपको अपनी फ़िज़ूलख़र्ची पर क़ाबू रखना चाहिए। पैसों के लेन-देन में सतर्क रहे यहाँ तक की परिजनों और सगे-संबंधियों से भी पैसों का लेन-देन  में भी सतर्कता बरते। इस साल पैतृक संपत्ति मिलने या अचानक धन लाभ के योग भी बनेगे।व्यापारी वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को काफ़ी सफलता  मिलेगी । पदोउनत्ती और नयी नौकरी,व् ट्रांसफर  के अवसर बनेगे ।व्यवसाय में  परिवर्तन हो  सकते हैं।  कोई नया व्यापार भी  कर सकते हैं। यह वर्ष छात्रों के लिए शुभ  है।  छात्रों को प्रतियोगिता में  परीक्षा देने में सफलता मिलेगी।। उच्च शिक्षा प्राप्ति हेतु आपकी विदेश जाने  की संभावनाएँ भी बनेगी। आपका वैवाहिक जीवन दांपत्य जीवन काफी श्रेष्ठ  रहेगा। आपसी प्रेम सामान्य रहेगा। । पारिवारिक स्थिति इस वर्ष सामान्य बनी रहेगी। माता-पिता के साथ संबंध अच्छे रहेंगे।। प्रेमी जोड़ों के सम्बन्धों में मजबूती आएगी।नए प्रेम-प्रसंगों के लिए समय अनुकूल नहीं है।। मौसम के बदलने और ग़लत खान-पान के कारण कुछ बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।मांसाहार भोजन न करे।
यदि आप मकर लग्न के है तो  मकर लग्न में शनि लग्नेश और द्वादश भाव में प्रवेश करेगा जिसके कारण इसकी सीधी दृष्टि आपके दूसरे भाव पर , छठे भाव पर तथा भाग्य स्थान पर होगी . शनि की स्थिति कहीं से भी सुखद नहीं है . काफी  कठनाईयो  का सामना करना पड़ेगा . आय तो होगी पर खर्च उससे भी अधिक होगा।यदि शनि की ही दशा या अंतर दशा चल रही हो तो भी भारी कष्ट भोगना पड़ सकता है. इस लिए भैरव  जी की ,हनुमान जी की पूजा करे । शनि  का दान करे।दक्षिण दिशा व् नीला, हरा, बैंगनी और काला रंग शुभ है. काली उड़द, काले तिल और काले चने का प्रयोग करना शुभ है। शुभ मंगलम। जय महादेव ,ज्योतिषाचार्य कृष्णा शर्मा।   

Friday, January 13, 2017

धनु राशि- 
इस साल 26 जनवरी से  धनु राशि पर शनि की साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी।शनि साढ़ेसाती का फल – नजदीकी लीगो  से मनमुटाव हो सकता है। , शत्रुओं की बढ़ोत्तरी,रहेगी।  रोग कष्ट, गृह कलेश और धन हानि भी शनि की साढेसाती  से हो सकती है ।  साथ  ही इस साल   माता-पिता के साथ संबंध अच्छे रहेंगे। सरकारी महकमे से लाभ मिलने की संभावना है, जिससे मान-सम्मान में बढ़ोत्तरी होगी। प्रेम संबंधों के लिए यह साल सामान्य है।दाम्पत्य जीवन सुखपूर्वक रहेगा।  पारिवारिक जीवन में ख़ुशियाँ बरक़रार रहेगी ।परिवार में आपका आदर व मान-सम्मान बना रहेगा। आपको एक नई शक्ति और ऊर्जा का संचार अपने शरीर में अनुभव होगा। स्वस्थ अच्छा रहेगा।  मानसिक तौर पर भी आप तरोताज़ा महसूस करेंगे। अपनी मेहनत  पर ही  नौकरी व बिज़नेस में  सफल रहेंगे।उच्च अधिकारियों से आपको पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।आय में बढ़ोत्तरी हो सकती है। वर्ष के अंत तक आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ सकता है। पैसों के लेन-देन में सावधानी बरतें।धार्मिक तीर्थ स्थलों के दर्शन व् अन्य यात्राओ  के भी योग हैं।छात्रों के लिए यह साल परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के भी पूर्ण योग बनाएगा।पेट की बीमारी होने की भी संभावना है, इसलिए खाने का विशेष ख़्याल रखें।
मानसिक व शारीरिक तनाव से बचना चाहिए।    


                 शुभ मंगलम। जय महादेव ज्योतिषाचार्य कृष्णा शर्मा।  
आप सभी को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामना। 
इस साल 14 जनवरी 2017 को शनिवार का दिन पड़ रहा है। इस दिन मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 38 मिनट से शुरू है।
मकर संक्रांति यह सूर्य देवता का त्योहार है। इसी दिन से सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। जिसके बाद से सभी शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। मकर संक्रांति के बाद शादी, पूजा आदि के मुहूर्त निकलते हैं।  इसी संक्रांति (उत्तरायण) को  सूर्य का इंतजार करते हुए भीष्म पितामह ने अपनी देह को त्याग दिया था। वहीं भगवान्  श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश देते हुए भगवान सूर्य का महत्व बताते हैं। इसी वजह से मकर संक्रांति के मौके पर कई जगह भागवत पाठ का आयोजन किया जाता है। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में अगर कोई शख्स दान करता है तो उसे अपने दान का सौ गुना फल मिलता है।
पुराणों में लिखा है कि मकर संक्रांति के दिन तीर्थ स्थल पर नहाना जरूर चाहिए। स्थल पर जाकर जो देवताओं और अपने पितृ के नाम पर दान करते हैं उन्हें वो खुशी के साथ स्वीकार करते हैं।
देवीपुराण के अनुसार अकाल मौत से बचने के लिए इस दिन घर में का पाठ करवाना चाहिए। इस साल 14 जनवरी 2017 को शनिवार का दिन पड़ रहा है। इस दिन मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 38 मिनट से शुरू है।ज्योतिषाचार्य कृष्णा शर्मा  जय महादेव।

Wednesday, January 11, 2017

वृश्चिक राशि-
इस साल वृश्चिक राशि वालों के शनि के साढ़े साती का अंतिम दौर प्रारंभ होगा।शनि देव मार्गी होंगे  वृश्चिक राशि में :25 अगस्त 2017, सायं 17:19 को। अंतिम दौर का प्रथम भाग लगभग 13 माह तक रहेगा। फिर अंतिम दौर का मध्य भाग लगभग 13 माह तक रहेगा।   इस दौरान शनि की दृष्टि आपके चतुर्थ भाव में , अष्टम में और एकादश भाव में होगी।हनुमान जी का दर्शन व पूजन करना आपके लिए श्रेष्ठ है।, लाल मसूर, गुड़ मूगा ,ताम्बा शुभ है।  इस वर्ष व्यापारियों को आय के नए स्रोत दे सकती है। उन्हें इस साल छोटे व्यवसाय से भी अच्छा मुनाफ़ा हो सकता है।उत्तर दिशा शुभ रहेग़ी। सुख-संपदा लाभ और घर में मांगलिक कार्य होंगे।वाहन का प्रयोग कम करें ,शराब व् नशे से दूर रहे।अपने कार्यक्षेत्र में जमकर मेहनत करेंगे तो  आपके पराक्रम में वृद्धि होगी। जो  भी कार्य करेगे  उसमे पूरी  सफलता मिल सकती है। अचानक  धन प्राप्ति के योग बन सकते  हैं। आप  भूमि-मकान आदि  में भी आप खर्च  कर सकते हैं।छात्रों के लिए यह समय मेहनत के द्वारा ही  सफलता प्राप्त करने का है।मनोबल का स्तर अच्छा रहेगा।कम परिश्रम से ज्यादा लाभ मिलेगा।पारिवारिक ख़ुशियों में वृद्धि हो सकती है।। मित्रों , भाई-बहनों व् जीवनसाथी के सहयोग से आपको आर्थिक लाभ हो सकता है। साथ ही  कार्यक्षेत्र में कोई बड़ी सफलता हासिल हो सकती है। वैवाहिक जीवन  उत्तम रहेगा ।वैवाहिक जीवन में अगर कोई अड़चनें हैं तो वह भी समाप्त होंगी।  साथ ही  आप बड़े रोमांटिक मूड में बने रहेंगे।आपका स्वास्थ्य  अच्छा रहेगा बस खान-पान पर विशेष ध्यान दें, हृदय और पेट संबंधी कुछ परेशानियाँ व्  मौसमी बीमारियों से सावधान रहे।नौकरीपेशा लोगों को विशेष सफलता मिलेगी । ऑफ़िस में  बड़े अधिकारी का सहयोग  मिलेगा।। नए मित्र बनेंगे।शुभ कार्यों में आपकी दिलचस्पी बढ़ेगी।
 यदि आप वृश्चिक लग्न के जातकों के लिए शनि तृतीय और चतुर्थ भाव का स्वामी है तथा मंगल से शत्रुता का भाव रखता है . यह अब आपके लग्न से दूसरे भाव में प्रवेश करेगा . यहाँ से इसकी दृष्टि आपके चतुर्थ भाव पर , अष्टम पर और आय स्थान पर होगी . शनि की यह स्थिति भौतिक सुख – सुविधाओं के लिए अद्भुत होने वाली है .
  शुभ मंगलम। जय महादेव ज्योतिषाचार्य कृष्णा शर्मा।     
तुला राशि-  
इस साल तुला राशि पर शनि की साढ़ेसाती 26 जनवरी 2017 तक ही रहेगी।नौकरी में आपको कोई अचानक लाभ या तरक़्क़ी मिल सकती  है। बस अपने उच्च अधिकारियों व सहयोगियों से तालमेल बनाकर रखे । नौकरी में परिवर्तन करना चाह रहे थे पर अब कर सकते है।आप सहनशील प्रवति के हैं।अति भावुकता से आपको बचना चाहिए।मशीनरी, सौंदर्यता या कला से जुड़ा बिज़नेस कर रहे व्यापारियों को अच्छा लाभ मिलने की सम्भावना है।पैसों के लेन-देन में जल्दबाज़ी न करें, मित्रों या किसी भरोसेमंद से धोखा मिलने की आशंका है।निवेश करना पड़े तो बहुत सोच-विचार कर करे।नौकरीपेशा लोगों के लिए यह वर्ष सामान्य रहने वाला है।प्रोमोशन और सैलरी में बढ़ोत्तरी के योग भी हैं। आप अपने स्वाभाव के कारण लोगो को अपना दुश्मन भी जल्दी बना लेते है। तो इसी लिए आप अपने व्यवहार में बदलाव ज़रूर लाये वार्ना  हानि हो सकती है।परिवार में किसी सदस्य के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी रहेगी। धन-प्राप्ति के योग बने हुए हैं, इसके साथ-साथ पैतृक धन मिलने के भी योग हैं। पर  परिवार व संतान से जुड़ीं कोई समस्या आपकी चिंता बढ़ा सकती है।आपके लिए पश्चिम दिशा शुभ है।स्फटिक की माला पर लक्ष्मी जी के मंत्रो का जाप करे। कर्पूर का पूजन में इस्तेमाल करे।    
यदि आप तुला लग्न के जातक है। तो  शनि चतुर्थ और पंचम भाव का स्वामी होने कारण और लग्नेश का मित्र होने के कारण अत्यंत ही योगकारी है . यह शनि अब आपके दूसरे भाव से तीसरे भाव में प्रवेश करेगा .
शुभ मंगलम ,जय महादेव। ज्योतिषाचार्य कृष्णा शर्मा।     ,

Tuesday, January 10, 2017

कन्या राशि-
इस वर्ष नौकरीपेशा लोग व्यापारी लोगो के लिए अच्छा रहने वाला है। आर्थिक स्थिति काफी बेहतर रहने की संभावना है। कुछ धन आप सामाजिक अथवा धार्मिक कार्यो  पर भी ख़र्च कर   सकते हैं। पर वर्ष की शुरुआत में आपको आर्थिक स्तर पर सतर्क रहना होगा । बिज़नेस में पार्टनरशिप करने के लिए थोड़ा सावधानी  बरते । निवेश सोच समझकर करे। पैसो की बचत करे।। छात्रों  को पढ़ाई में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।  इस साल नौकरी में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।प्रमोशन के भी योग भी बनेगे ।कन्या राशि- इस वर्ष नौकरीपेशा लोग व्यापारी लोगो के लिए अच्छा रहने वाला है। आर्थिक स्थिति काफी बेहतर रहने की संभावना है। कुछ धन आप सामाजिक अथवा धार्मिक कार्यो  पर भी ख़र्च कर   सकते हैं। पर वर्ष की शुरुआत में आपको आर्थिक स्तर पर सतर्क रहना होगा । बिज़नेस में पार्टनरशिप करने के लिए थोड़ा सावधानी  बरते । निवेश सोच समझकर करे। पैसो की बचत करे।। छात्रों  को पढ़ाई में परेशानी होगी पर   पढ़ाई में आपका मन रमा रहेगा और मनोबल भी काफी उच्च रहेगा।  । इस साल नौकरी में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।प्रमोशन के भी योग हैं। आप पर शनि की ढैय्या प्रारंभ हो जाएगी। इसी लिए काँसे का कड़ा पहनें।शुभ व धार्मिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। समाज, परिवार व व्यवसाय में आपके गुणों की प्रशंसा होगी।व्यवसाय संबंधित विदेश यात्रा होने का प्रबल योग बन रहा है।जो लोग पहले से ही प्रेम बंधन में बंधे हुए हैं, उनके लिए भी यह साल प्यार में सफलता पाने वाला साबित हो सकता है।। लेकिन प्यार में अड़ियल रुख न अपनाएं व एक दूसरे के मान-सम्मान का ख़याल रखें।। जीवनसाथी के साथ आपके संबंध मधुर रहेंगे। आप दोनों में आपसी प्रेम दिन-प्रतिदिन बढ़ेगा।। सेहत अच्छी रहेगी। पर माता के स्वास्थ्य को लेकर आपकी चिंताएं बानी रहेगी।किसी नए रिश्ते पर एकदम भरोसा न करें । 
यदि आप कन्या लग्न के है तो शनि देव आपकी कुंडली में पंचम और षष्ठ भाव का स्वामी है जो अब तीसरे से चतुर्थ भाव में प्रवेश करेगा यहाँ से यह आपके छठे भाव , दशम भाव तथा आपके लग्न पर सीधी दृष्टि डालेगा जिसके परिणाम स्वरूप शत्रु तो परास्त होंगे। पर  आर्थिक दशा ख़राब हो सकती है। पिता से अनबन चोट लगने का भय  मकान , वाहन तथा पैतृक संपत्ति के मामलों में रूकावट आ सकती है  . यदि शनि या केतु की दशा – अंतर है तो कर्यों में बहुत रूकावट आएगी . जिन्हें संतान सुख प्राप्त होगा। शुभ मंगलम ,जय महादेव। ज्योतिषाचार्य कृष्णा शर्मा।     

Wednesday, January 4, 2017

सिंह राशि-
इस वर्ष सिंह राशि से पूरी तरह से शनि की ढैय्या समाप्त हो जाएगी। इसी साल नौकरी में आपको तबादले का सामना भी  करना पड़ सकता है। । बिज़नेस करने वालों के लिए फ़ायदेमंद हो सकता है।आपके द्वारा शुरू किए गए हर काम के समय पर पूरे होने के योग हैं। अपने स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। साल के मध्य में भाग्य आपका साथ देना शुरू कर देगा  है। मेहनत कम आमदनी ज़्यादा रहेगी ।  बिज़नेस  वालों के लिए साल मुनाफ़ा देने  वाला हो सकता है। प्रॉपर्टी से जुड़े लोग सावधानी बरते ।  शेयर बाज़ार में निवेश लाभदायक हो सकता है.नौकरी की तलाश में लगे युवाओं को अच्छे ऑफ़र मिल सकते हैं।  छात्रों के लिए यह साल बेहतरीन साबित हो सकता है।परीक्षा में सफलता मिलने के योग हैं। संतान को स्वास्थ्य संबंधी तकलीफ़ें हो  सकती हैं।आपका कोई विश्वासपात्र व्यक्ति ही आपके साथ विश्वासघात कर सकता है, शत्रु  पक्ष  से सतर्क रहे।विरोधी पक्ष से सावधान रहें  मान सम्मान में कमी आ सकती है। भाइयो से वाद विवाद से बचे।। लंबी यात्राएँ आपके लिए लाभप्रद रह सकती हैं। विशेषकर  महिलाओं के लिए यह वर्ष सफलताप्रद हो सकता है। राहु  १७  अगस्त से परेशानिया पैदा कर सकता है। जो न्यायलय व् सरकारी कार्यो में परेशानी के साथ साथ मानसिक क्लेश भी उत्पन करेगा। सुसरालपक्ष से लाभ मिलसकता है। संतान और जीवन साथी की स्वस्थ की चिंता हो सकती है। हनुमान जी की पूजा और सूर्य देव की पूजा से लाभ मिलेगा। पिता को सम्मान दें।क्रोध करने से बचें।  
शुभमंगलम जय महादेव। ज्योतिषाचार्य कृष्णा शर्मा। 
कर्क राशि -
इस वर्ष आपकी राशि में स्वर्णपाद से शनि देव और रजतपाद से देव गुरु वृहस्पति आये है। तो अप्रैल तक आपको कुछ दिक़्क़तें रह सकती हैं।जोख़िम भरे कार्यों में धन का निवेश करने से बचें। लेन-देन के मामलों में आपका सावधानी रखना ही उचित रहेगा। सट्टे, लॉटरी जैसे अनैतिक कार्यों से दूर रहें,। भाग्य हर काम में सितम्बर माह से साथ देगा।जोश में आकर कोई भी निर्णय लेना अच्छा नहीं होगा। साल के मध्य से आपको कुछ शुभ कार्यों में ख़र्च करने का अवसर मिलेगा और पारिवारिक समस्याओं का भी समाधान हो जायेगा।। आय के नए-नए स्रोत भी आपके सामने आएंगे व कार्यों के प्रति दिलचस्पी बढ़ेगी।  क़ारोबार में प्रगति की संभावना रहेगी और कोई रुकी हुई रकम प्राप्त हो सकती है । परिवार में सुख-शांति भी रहेगी । नौकरी  के अवसर मिलेंगे । साथ ही जो लोग नौकरी बदलना चाहते हैं उनके लिए भी नए अवसर आएंगे।आप मिलनसार  है।आप  जैसे लोग लोगों पर आसानी से भरोसा कर लेते हैं।  तभी आप धोका भी खाते है। इसीलिए लेन  देन में सतर्कता बरते।
और  कर्क लग्न के जातकों के लिए शनि सप्तम और अष्टम भाव का स्वामी है और मारकेश है जो अब आपके छठे भाव में आ रहा है इस कारण एक ओर जहाँ विपरीत राजयोग का सृजन करेगा वहीँ यह वैवाहिक जीवन में अत्यंत ही कठिनाइयाँ उत्पन्न करेगा। आप  माँ, दादी, नानी या बुज़ुर्ग महिला का आशीर्वाद ग्रहण करना आपके लिए शुभ रहेगा । चावल ,दूध,खीर पानी चांदी का इस्तेमाल करना शुभ रहेगा। शुभमंगलं जय महादेव। 
मिथुन राशि -
 -गुरु ,शनि और साल के मध्य में केतु की वजह से परेशानी रहेगी।  इस वर्ष परिश्रम और संघर्ष की अधिकता रहेगी तो कही आप कार्यों की सफलता से आप प्रसन्न व उत्साहित रहेंगे। व्यापारिक वर्ग की निराशा आशा में परिवर्तित होगी,आय के अन्य स्रोत हासिल होंगे।वर्ष के अंत में समस्याएँ ख़त्म होती नज़र आएंगी।।क़ारोबार में धन लगाने से आपको फ़ायदा मिल सकता है। पर  सोच-समझ कर पैसा लगाएँ। यदि शेयर बाज़ार से जुड़े हैं तो अच्छे लाभ मिलने की उम्मीद बन रही है। आप नयी संपत्ति या वाहन आदि के क्रय में भी निवेश करेंगे। इस साल पैसा आता-जाता रहेगा।। प्रेम-संबंधों में सतर्कता बरतें तो बेहतर रहेगा। अपने पार्टनर पर बेवजह शक़ करने से बचें। अगर आप छात्र हैं तो आपको थोड़ी अधिक मेहनत करनी होगी। छात्रों की शिक्षा बढ़िया रहने के आसार हैं। कुछ विद्यार्थी उच्च शिक्षा पाने के लिए विदेश का रुख भी कर सकते हैं। । वैवाहिक जीवन सुखद रहने की संभावना है। संतान के इच्छुक दंपतियों की मुराद  पूरी हो सकती है। घर में कोई मांगलिक कार्य हो सकता है । पिता से मित्रो से अनबन हो सकती है। वाणी पर क्रोध पर संयम ज़रूर रखे। वाहन चलते समय ध्यान रखे , माता की और  अपनी सेहत का ख़याल रखना होगा। शनि देव  और गुरु की पूजा करे।
 शुभमंगलं जय महादेव।